9 उपाय व्यक्तित्व विकास के लिए | 9 Tips for Personality Development in Hindi


                      
व्यक्तित्व विकास क्या है?

हर व्यक्ति जन्म से अनूठा है, सभी में कुछ विशेष ऐसा है जो हमें औरों से अलग करता है। यही विशेषताएँ तय करती हैं कि हम कौन है और किसी परिस्थिति में किस तरह व्यवहार करेंगे। ज्यादातर समय हम अपनी उन विशेषताओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते है जो हमें नुकसान पहुंचाती हैं और फिर स्वयं को कमतर आंकने लगते हैं। हालाँकि हम ये जानते हैं किहर कोई अपने आप में अनूठा है, बस आवश्यकता है तो अपने भीतर सोई हुई आकांक्षाओं कोजगाने की और अपने व्यक्तित्व को निखारने की। यहीं पर व्यक्तिव विकास की प्रक्रियाएँ / तकनीके मददगार होती हैं।
व्यक्तित्व विकास के द्वारा एक जड़ता और अरुचि की अवस्था में फँसा व्यक्ति, उत्साही, प्रसन्न और लक्ष्य की ओर प्रेरित व्यक्ति के रूप में परिवर्तित हो जाता है। व्यक्तित्व विकास की प्रक्रियामें व्यक्ति अपने अनूठेपन को बिना किसी हिचकिचाहट और सीमाओं के बंधन के साझा करनासीखता है, ख़ुशी मनाना सीखता है और ये सब और अधिक उत्साह और चैतन्य के साथ होता है।

व्यक्तित्व विकास के 9 सुझाव | 9 Personality Development Tips

1

प्रोटोन की तरह सकारात्मक बने

प्रोटोन कभी अपनी सकारात्मकता (धनात्मकता) नहीं खो सकता है और वैसे ही आप भी कभीनहीं! ये बस तनाव से ढक सकता है और तनाव आपकी ऊर्जा खींच लेता है। सकारात्मकरहकर आप कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर जाते है और साथ ही और अधिक सकारात्मकता और संभावनाओं को अपनी ओर आकर्षित करते है।
2

अधिक जोशीले हों

किसी भी कार्य को करने के लिए जोश एवं उत्साह चाहिए। जब आप पूरे जोश के साथ प्रयास करते हैं तब जीवन में श्रेष्ठता को स्वतः उपलब्ध होते हैं।

3

भावनाओं पर नियंत्रण रखें

जिंदगी जब आपको रोलर कोस्टर की सैर कराये तो उसका पूरा आनंद लेना न भूलें। अपनीभावनाओं को परिस्थितियों पर राज करने न दें बल्कि उनको काबू में रखें। ये आपको चुनौतियोंके समय शांत व एकाग्र रखेगा।
4

स्वयं पर और दूसरों पर करुणा करें

अधिक करुणामय हों। अगली बार जब आप या कोई और गलती करें तो मन में कोई गांठ नबांधें, जाने दें। इस बात को समझे कि हम सभी विकसित हो रहे हैं और कोई भी पूर्ण नहीं है। ये नजरिया स्वयं को और औरों को स्वीकारने में मदद करता है।
    5

    प्रसंशा करें

    जब हम किसी के गुणोंकी की प्रसंशा पूर्णता के भाव से करते हैं, तो हमारी चेतना का विस्तार होताहै, जो हमारे भीतर उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है। वे गुण हमारे भीतर भी विकसितहोने लगते है और हम बेहतर मानव बनते हैं।
    6

    प्रभावशाली संवाद करें

    हम लोगों से संवाद मुख्यतया या तो अपनी उपस्थिति से या फिर अपनी भावनाओं कीअभिव्यक्ति से करते हैं। अपने संवाद में स्पष्टता लाते ही आप देखेंगें की लोग बेहतर प्रतिक्रियादे रहे हैं और अधिकतर जो आपके लिए लाभकारी भी है।
    7

    खतरों का सामना साहस से करें

    यदि आप मुसीबत के समय उसको चुनौती देने के लिए उठ खड़े होते हैं तो आपके मुसीबत के पार जाने की सम्भावना अधिक होती है। किसी दबाव के आगे झुके नहीं बल्कि पूरे विश्वास सेउसका सामना करें। इसमें या तो आप विजयी होंगे या फिर जीवन के लिए कुछ अमूल्य सीखेंगें।
    8

    जीवन में धीरज अपनाये

    जीवन में विजेता होने के लिए धीरज एक गुप्त घटक है। भड़भड़ाहट और अधीरता से की प्रतिक्रिया फायदे से ज्यादा हानि पहुंचाती है। ध्यान रहे, हमें शांति और धीरज रखनी चाहिए, जिससे हम तनाव रहित होकर समझदारी से भरे त्वरित निर्णय ले सकेगें।
    9

    सही साँस लेने की कला सीखे

    अंतिम, पर सबसे महत्वपूर्ण, सही साँस लेना सीखें। अक्सर इस बात को अनदेखा कर देते है कि सही साँस लेने से आप एक तनाव रहित और सकारात्मक जीवन पा सकते हैं। सुदर्शन क्रिया सीखे और साँस की छुपी शक्ति का उपयोग करें। साँस की इस प्रभावी तकनीक से आप शारीरक, मानसिक और भावनात्मक तनावों से मुक्त होते हैं।​​​
    जब आप सुदर्शन क्रिया सीखकर सही साँस लेते है तब आप अपने आपसी संबंधों के सुधार का तरीका पा जाते हैं और अपने व्यक्तित्व के आकर्षक पहलू को और निखारते हैं।

    अपने व्यक्तित्व में कैसे विकास करें?

    हर आर्ट ऑफ़ लिविंग प्रोग्राम में सुदर्शन क्रिया नाम का एक शक्तिशाली साधन है जो आपके व्यक्तित्व को विस्तार के साथ विकसित करता है। सुदर्शन क्रिया सीखकर सही साँस लेने का पहला कदम उठाते ही आप अपने व्यक्तित्व के विकास के मार्ग पर चल पडे हैं।

    व्यक्तित्व विकास के प्रोग्राम का महत्त्व

    • आत्म विश्वास और उत्साह में वृद्धि
    • जीवन के प्रति उत्साहपूर्ण नजरिया
    • सकारात्मक विचार जीवन में अपनाना

    व्यक्तित्व विकास के प्रोग्राम का लाभ

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